कोरोना महामारी कोविड 19 एक वैश्विक संकट लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
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सोमवार, 11 मई 2020

सरकार ने अन्य प्रांतों में फसे लोगो को पहुंचाने के लिए शुरू की रेल सेवाएं

सरकार ने अन्य प्रान्तो में फसे लोगो को घर पहुंचाने हेतु रेल सेवाएं शुरू की हैं।
बुकिंग शुरू होने से पहले ही बुकिंग पूरी हुई। यानी सभी बुकिंग पूरी हो चुकीं अब भी अनेक लोग अपने अपने घर जाने को परेशान हैं।
17 मई तक की बुकिंग पूरी हो गईं हैं।

सरकार के सामने बहुत बड़ी चुनोती है । कोविड19 लगातार पूरे विश्व मे अपने पैर पसार रहा है और इसका इलाज भी नहीं मिल पा रहा है। यह ऐसी भयावह स्थिति की ओर इंगित करता है जिसका सामना सभी को करना ही है। सरकार भरसक प्रयास में है । भारत मे कोरोना संक्रमण के फैलने की गति धीमी सरकार के अथक प्रयासों से हुई है । अन्यथा अब तक तबाही मच चुकी होती।
परन्तु इस उहा पोह में गरीबो की हालत और बिगड़ती जा रही है। नोकरी करने वाले आम लोग बेहद परेशानी का सामना कर रहे हैं अन्य प्रांतों में किराए पर राह छोटी नोकरी कर अपना जीवन यापन करने वाले लोगो के साथ बेहद ना इंसाफ हो रही है । मकान मालिक अपने किराए के लिए परेशान हैं दूसरी तरफ जहां काम करते थे वहां सेलरी भी रोकी हुई है इसके बाद लोक डाउन में कोउ सहयोग कहीं से मिलने के सारे रास्ते बंद हैं गाडिब मजदूर और मजबूर जाए तो जाए कहां।

ऐसे में जो लोग वेतन रोक के पड़े हुए हैं उनके अंदर का मनुष्य मार चुका है। सरकार को इनपर सख्त एक्शन लेना होगा। इसके लिए हेल्पलाइन को सक्रिय रखना होगा एक्शन मोड़ में रखना होगा। ऐसे मानवता के दुश्मनों को दंडित अवश्य करना चाहिए।


एक तरफ लोग इस संकट के समय मे दोनो हाथों से दान देकर लोगों के सहयोग में लगे हुए हैं । बहुत सारे कोरोना योद्धा अपनी जान दाव पर लगाकर लोगों के जीवन को बचाने में लगे हैं । दूसरी तरफ कुछ ऐसी प्रवृति के लोग हैं जो लोगों के मेहनत के पैसे को भी देने में ना नुकुर कर रहे हैं। यदि सक्षम होते हुए भी ऐसी स्थिति में इस प्रकार शोषण करे तो उसे दण्डित करना आवश्यक हो जाता है।


सरकार के प्रधानमंत्री एवम मुख्यमंत्री जिस मंशा के साथ कार्य कर रहे हैं सरकार के अफसरों को उसी मंशा के साथ कार्य करना चाहिए। परन्तु ऐसा प्रतीत होता है कि बहुत कम उच्च अधिकारी इतनी गंभीरता से जनता की समस्याओं को समझने और उन्हें निपटाने पर विचार कर रहे हैं जो हेल्प लाइन नम्बर दिए जा रहे हैं उनसे कोई सन्तोष जनक जबाब नही मिल रहा है। 


आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।सरकार की दोहरी नीति भी कहीं कहीं नजर आ रही है अमीर लोगों को विदेशो से भी बुलाया जा रहा है और गरीबो को आप के घर पहुंचाने में विलंब किया जा रहा है समुचित व्यवस्थाएं नही की जा रहीं। 
यहां हमने दोनों पक्ष रखने का प्रयास किया है जिस स्थिति से लोग गुजर रहे हैं वह भी हमने प्रदर्शित किया है। आपके सुझाव भी आमंत्रित हैं।



रविवार, 10 मई 2020

क्या अब लॉक डाउन खुलने वाला है

        वर्तमान हालात बता रहे हैं 4-5 दिन के लिए लॉक डाउन खुलने जा रहा है। बीते कुछ दिनों में कोरोना का प्रभाव देश मे बढ़ता जा रहा है सरकारें भी आंकड़ो को दबाने लगी है। यह लोक डाउन ग़रीब लोगो को मजदूरों को अपने घरों पर पहुंचाने के लिए किया जा रहा है आने वाले समय मे स्थिति के भयानक होने की संभावना है।

      खैर जैसा कि आपको पहले ही बताया जा चुका है विश्व को कोरोना के साथ रहना होगा। सावधानियां रखनी होगी इम्युनिटी बढ़ानी होगी बस इस महामारी से बचने का यही रास्ता है। तैयारी पूर्ण करलें लोक डाउन को बढ़ाया भी जा सकता है। साथ ही धीरे धीरे काम शुरू भी किये जा सकते हैं। हर हालात से निपटने को तैयार रहें विश्व पर कोरोना वायरस भारी पड़ रहा है। निश्चित रूप से यह महामारी विशेष तबाही मचा सकती है ।

    ऐसे  संकट के समय मे अपनो का ख्याल रखें । जिसकी जो सहायता बन पड़े करें। कभी भी किसी को कुछ भी हो सकता है। यह पोस्ट डराने के लिए नही सावधान करने को की जा रही है। डरने से समस्या का समाधान नही होता। समस्या से निपटने की तैयारी आवश्यक हैं। वैसे भी यह शरीर नश्वर है ईश्वर जो करता है वही होता है । हिन्दू धर्म के अनुसार प्रत्येक मनुष्य का भाग्य जन्म के 6वे दिन ही भयमता लिख देती हैं।
कब क्या घटित होना है।


    डरने घबराने की आवश्यकता नही है सिर्फ तैयार रहने की आवश्यकता है खुद को मजबूत करें। सारी व्यवस्थाएं रखें यदि लोक डाउन रहता है तो आपको समस्याओं का सामना न करना पड़े ।
कोरोना के साथ जीने के लिए पूर्व में दी गयी जानकारी का अनुसरण करें।

घर पर रहें सरकारी आदेशो का पालन करें।लापरवाह ना रहें सावधानी बरतें।

हम जीतेंगे तो देश जीतेगा।

गरीबों के सहयोग के लिए आगे आएं। संस्था का सहयोग करें।
गूगल पे करें।
पेटीएम

8868890689

आवश्यक टिप्पड़ी अवश्य करें।



मंगलवार, 5 मई 2020

डॉ विश्वरूप राय चौधरी गलत है या सही क्या कोविड19 डर का व्यापार है?



स्व0#डॉ0राजीव_दीक्षित जी

आजकल आप सुन रहे हैं कोरोना महामारी से पूरा विश्व परेशान है एक तरफ  एक- दो डाक्टर इन चीजों पर से पर्दा उठाना चाहते हैं उनका कहना है, उन्होनेसच बोलने की हिम्मत की है वे कह रहे हैं कि कोरोना कोई महामारी नहीं है यह सिर्फ और सिर्फ फार्मास्यूटिकल कंपनीज का बहुत बड़ा षड्यंत्र है यह डर का व्यापार है । WHO वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइज़ेशन भी इस सब मे संलिप्त रहता है यह गंभीर आरोप हैं और इस पर आप देख ही रहे हैं कि संदेह तो अन्य देश भी कर रहे हैं ।
जी हां आपने सही सुना यह डर का व्यापार है न्यूज़ चैनल्स के माध्यम से मीडिया के माध्यम से इस डर को फैलाया जाता है इसी प्रकार सन 1990 में भी इस डर को फैलाया गया था एचआईवी बीमारी के रूप में समय-समय पर इस तरह के नए-नए रोगों के बारे में जानकारी देकर यह दर्शाया जाता है । जिससे के फार्मास्यूटिकल कंपनीज को अरबों का उलटफेर हो जाता है एक बहुत बड़ी स्ट्रांग लॉबी है जो किसी देश को भी नहीं बख्शते यह लोग इतने ताकतवर हैं अमेरिका और ब्रिटेन हो या इटली हो ईरान और इराक हो या इंडिया हो सब को अपनी मुट्ठी में रखते हैं। हर व्यक्ति को अपनी मृत्यु का भय होता है उसी भय को यह भुनाते हैं, है ना कमाल की बात यह बात रख रहे हैं डॉ बिस्वरूप रॉय चौधुरी जी हां आप इसके बारे में पड़ सकते हैं सुन सकते हैं उनके खुद के यू ट्यूब चेनल हैं और  जो लोग राजीव दीक्षित जी के फैन हैं उन्हें विश्वरूप राय चौधरी को आज का राजीव दीक्षित ही कह रहे हैं उनका अक्स देखा जा रहा है राजीव दीक्षित जी का विश्वरूप राय चौधरी की जैसी विचार धारा है और यदि आप इसे देखें विचार करें ऐसा भी हो सकता है कोरोना कोविड 19  कुछ  नहीं है यह सिर्फ डर का व्यवसाय है आने वाले समय में आप देखेंगे कि वरना के  साथ साथ पूरा  विश्व जिएगा जिनकी इम्यूनिटी पावर कम होगी वह जंग हार जाएंगे और मृत्यु उन्हें गले लगा लेगी और जिनकी इम्युनिटी सही होगी वह जीत जाएंगे। कोरोना कोई असर नहीं कर सकेगा ।
 अगर आपको कोरोना से लड़ना है अपनी इम्युनिटी पावर स्ट्रांग रखनी होगी इसके लिए क्या करना होगा हम पिछले ब्लॉग में बता चुके हैं उचित आहार-विहार आपको इस महामारी नामक बीमारी से बचा सकता है।  क्यों बात बरसों पहले भाई राजीव राजीव दीक्षित जी ने कही थी वह बात सत्य होती नजर आ रही है जो लोग भाई राजीव दीक्षित जी के थन थे वह इस बात को मान रहे हैं और हमें भी यह सच लग रहा है हम सरकार के आदेशों के साथ हैं संपूर्ण लॉक डाउन का पालन करते हैं कर रहे हैं आगे भी जो आदेश होंगे उनका पालन करेंगे लेकिन डॉ विश्वरूप राय चौधरी के विचारों पर मंथन भी अवश्य करेंगे और यह मंथन सरकार को भी करना होगा और आपको भी क्या डॉक्टर साहब सही बोल रहे हैं या सच में कोरोना एक महामारी है यदि है एक महामारी है तो इसका असर इतना ताकतवर नहीं है।


यह भी बताया जा रहा है कि प्रिंस चार्ल्स भी कोरोना पोजिटिव पाए गए और उनका इलाज बैंगलोर के dr. methew ने किया है वह इलाज होमियोपैथी चिकित्सा पद्यति से किया गया है। बताया जाता है कि प्रिंस चार्ल्स होम्योपैथी चिकित्सा संस्थान के संरक्षक रहे हैं और वर्षो से इसी पद्यति से अपना और परिवार का इलाज कराते आये हैं।

है यूरोपीय देशों में मृत्युदर ज्यादा है इसका कारण है कि उनकी इम्युनिटी पॉवर कमजोर होती है। वहां पर पानी ज्यादातर ब्रिसलरी का पीया जाता है जंक फूड का प्रचलन है साथ ही अधिकतर लोग फ्रीज किया हुआ पैक्ड खाना खाते है । 

हमारे पूर्वजों द्वारा जड़ी बूटियों से ही असाध्य रोगों का सफल इलाज ढूंढ लिया था । देश की संस्कृति और सभ्यता ऋषि मुनियों की तपस्या यूँही व्यर्थ नहीं गयी पूर्व में हमारा देश सम्पन्न ही था चिकित्सा पद्यति सर्वश्रेष्ठ थी परंतु जल्द इलाज के चक्कर मे आयुर्वेद को छोड़ सबनेएलोपैथी की तरफ रुझान किया हुआ है । आयुर्वेद में बीमारियों का इलाज जड़ से खत्म करने वाला है। आप और हम सब जानते हैं । 

भारतीय पौष्टिक आहार लेते हैं जो नहीं लेते जो उव्हित आहार विहार का ख्याल नही रखते उन्हें वैसे भी बहुत अधिक बीमारियां हो जाती है वह कोरोना की तरह ही मृत्यु की तरफ ले जाती हैं।

परंतु बस लक्षण अलग होते हैं । एक बार बिस्वरूप रॉय चौधरी के विचार सुनिए और कमेंट में बताए । आपके विचार क्या हैं।

#dr_vishwroop_roy_chowdhary
#drvishwrooproychowdhary
#corona
#covid19
#Rajeevdixit

हिंदुस्तानी हो तो पूरी तरह हिंदुस्तानी बनो।

मित्रो
जैसा कि अब हम देख रहे हैं  कोरोना संकट में देश को बहुत आर्थिक क्षति हुई है । अब तक आपने हमने सबने मिलकर इस जंग को लड़ा है। यह सत्य है सिर्फ अपना बचाव किया है , यदि समझना चाह रहे हो तो यह समझ ही गए होंगे कि यह सब चीन ने पूरे विश्व पर राज करनेको जैविक हथियार का प्रयोग किया है । जिससे पूरा विश्व संकट में है।
अब के अपने देश को मजबूत करने के लिए चीनी में निर्मित सभी सामान का बहिष्कार करना है। स्वदेशी अपना है । बहिष्कार तो बहिष्कार ऐसा नही होना चाहिए कि मैं यहां आपसे बहिष्कार के लिए बोलू और वहां जाकर बाजार से चीन का समान जैसे मोबाइल या बच्चो के खिलौने उठा लाऊं । चाइना की एप का भी बहिष्कार हो टिकटोक जैसी एप की जगह भारत निर्मित एप का उपयोग किया जाना चाहिए । 
यानी सभी मिलकर इस प्रकार का स्वदेशी अभियान चलाए देश के आर्थिक हालात 1 वर्ष में ही सुधर जाएंगे ।
तो आज से अभी से शुरू हो जाइए। स्वदेशी अभियान ।
पोस्ट को शेयर कीजिये।

वाट्स एप के स्थान पर टेलीग्राम का उपयोग कीजिये यह एप भारतीय है और वाट्स एप से बहुत अच्छी है इसे उपयोग कीजिये । वाट्स एप्प में जो ग्रुप 256 का होता है यहां उसी प्रकार के ग्रुप में 2 लाख लोगों को एड किया जा सकता है।

तो फिर क्यों ना शुरू किया जाए आज से ही।

राष्ट्रीय जागरूक युवा संगठन भारत आप सभी से अपील करता है स्वदेशी अपनाइए , यह आवाज हमारी ही नहीं आपकी भी है, आपके हृदय की है और इस हृदय की आवाज का पालन अभी से कीजिये। 
नीचे दिए गए लिंक से आज ही शुरू कीजिए या 
गूगल प्ले स्टोर से डाउन लोड करें।

भारत  माता की जय। जय हिंद जय भारत । वन्दे मातरम।
https://telegram.org/dl
Hey, I'm using Telegram to chat. Join me! Download it here: https://telegram.org/dl


उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए खुशखबरी।

 
यदि आप उत्तर प्रदेश के निवासी हैं तो आपके लिए खुशखबरी हो सकती है आप या आपके स्वजन  उत्तर प्रदेश के निवासी अन्य प्रांतों में फसे है उनके लिए योगी सरकार घर पहुंचाने का कार्य प्रारंभ कर रही है ।

कोरोना महामारी के संकट से निपटने को सरकार द्वारा जो लॉक डाउन किया गया था उसकी वजह से काम काज ठप्प पड़ गया और गरीब लोग पिछले 1माह से भी ज्यादा समय से अन्य प्रांतों एवम अन्य जनपदों में फस गए थे। अनेक प्रयास करने पर भी अपने गृह जनपद नही जा पा रहे थे पूरे देश मे लगे कर्फ्यू के कारण अपने निवास स्थामनो से निकलने में खासी परेशानी थी और ईमानदारी से देश के लिए लॉक डाउन का पालन भी करना आवश्यक हो गया था। 

अब सरकार ने घर पहुंचाने के लिए कमर कस ली है यह कार्य तेजी से प्रारम्भ किया जा रहा है। इसलिए बना देर किए अपना पंजीकरण करा लें।

इच्छुक व्यक्ति नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके अपना विवरण दें । कोई समस्या हो तो कमेंट बॉक्स में कमेंट करें। यथा संभव सहायता की जाएगी।


शनिवार, 2 मई 2020

अब विश्व को कोरोना के साथ जीना पड़ेगा

 विश्व को अब कोरोना के साथ जीना ही पड़ेगा 
जी हां आपने सही सुना वर्तमान हालातों को देखते हुए अब दुनिया का कोई भी देश ज्यादा लॉक डाउन नहीं कर सकता लॉक डाउन करने से आर्थिक व्यवस्था खराब होती जा रही है लोग  कोरोना से नहीं मरेंगे तो भुखमरी से मारेंगे अब हमें कोरोना  covid-19 के साथ जीना पड़ेगा अब यह आम आदमी के जीवन का हिस्सा बन गया है अब हमें इससे जुड़े हुए प्रिकॉशन भी साथ में रखने पड़ेंगे जैसे के हैंड सैनिटाइजर, ग्लव्स और इससे जुड़ी हुई अन्य सावधानियां गर्म पानी का सेवन घर में लाई हुई चीजों जैसे हरी सब्जियों को अच्छी तरह से धोकर  उसका उपयोग करना घर में घुसने से पहले ही स्नान करना हैंड वॉश करना सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना पड़ेगा लगातार यह अपने बच्चों को भी सिखाना पड़ेगा विशेष सावधानी के साथ जिंदगी को आगे बढ़ाना पड़ेगा, इसके अलावा विश्व के पास कोई चारा नहीं बचा इन सब चीजों को करते-करते साथ में इसकी वैक्सीन की खोज जारी रहेगी ही लेकिन अब ब्लॉक डाउन को ज्यादा झेला नहीं जा सकता क्योंकि हालात गंभीर होते जा रहे हैं हम देख रहे हैं कि जिस तरह से लॉक डाउन किया जा रहा है उससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है सारे काम धंधे चौपट पड़े हुए हैं छोटे-छोटे काम करने वाले लोग जो रोज खोदो  रोज पियो वाला सिस्टम चल रहा था उनका वह सब सिस्टम  खत्म हो गया वह कहां से कब तक खाते रहेंगे ? हम सभी की मूलभूत सुविधाओं में राशन पानी ही नहीं होता है इसके अलावा बहुत सारी चीजें होती है जो केवल पैसे से ही ली जा सकती है इसी प्रकार हर  मनुष्य सिर्फ दाल चावल आटे से भी काम नही चलता। एक खबर सुनने को मिली कि एक  4 साल की बच्ची बिना इलाज के तड़प तड़प कर मर गई ।  एक बच्ची नहीं जाने कितने लोगों ने बिना इलाज के अपनी जान से हाथ धो दिया है इसके अलावा बहुत सारे घरों की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है उनके घरों में चूल्हा जलना बंद हो गया है बहुत से परिवार एक टाइम का भोजन करके गुजारा कर रहे हैं । स्थिति इससे और भी ज्यादा खराब हो महामारी से बचने के साथ भुखमरी से मरने को मजबूर हो जाए सरकार को निर्णय लेना होगा ।



भारत सरकार ने समय से लोक डाउन कर दिया जिसके कारण देश में महामारी संक्रमण पर नियंत्रण  कर लिया गया अन्यथा की स्थिति में आज लाखों लोग कोरोना से संक्रमित हो जाएं गंवा चुके होते । साथियों मित्रों माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में देश ने कोरोना के खिलाफ जो जंग लड़ी है उसमें हम जीत रहे हैं इस 2 माह के लॉक डाउन के समय में ही देश ने कोरोना से लड़ने के लिए जरूरी तैयारियां कर ली है जिस समय कोरोना का प्रकोप विश्व में फैल रहा था और जब अचानक से भारत में आया तो हमारे हॉस्पिटल्स भी इसके लिए तैयार नहीं थे आज भारत सरकार ने युद्ध स्तर पर कोरोना से लड़ने के लिए हॉस्पिटल्स का भी निर्माण कर लिया है यही नहीं चिकित्सकों को नर्सिंग स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है । 

अब करना क्या होगा
कोविड 19  से लड़ने  में अब दायित्व बनता है जनता का जनता को लापरवाही छोड़ इससे लड़ने के, इसके साथ जीने के तौर-तरीकों को अपने जीवन में ढ़ालना होगा जैसा कि हमने ऊपर बताया है हैंड सैनिटाइजर, हेंड वाश, हैंड ग्लव्स इत्यादि का उपयोग लगातार करना होगा घर के हर सदस्य को इन सावधानियों के बारे में जागरूक करना होगा। इसके अलावा अपने भोजन अपने दिनचर्या में शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी सिस्टम) को सही करने का तरीका अपनाना होगा भोजन में तो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए खानपान में सुधार करना होगा पौष्टिक आहार लेना होगा और दिनचर्या में आवश्यक योगासनों का एवं शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक शारीरिक श्रम का, कसरत का अभ्यास जारी रखना होगा, दैनिक रूटीन बनाना होगा यह स्वास्थ्य के लिए अच्छा भी होगा।


लॉक डाउन सीमित क्षेत्र में ही लगाया जाएगा
अब लॉक डाउन में  सुधार करने होंगे जिससे देश फिर से चलना शुरू होगा उसमे निम्नानुसार कार्य शुरू किया जा सकेगा । लॉक डाउन केवल उसी संक्रमित क्षेत्र में किया जाए जहां पर यह कोरोना के केसे मिले हैं एक उदाहरण अभी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिया था कि जैसे मान लीजिए उदाहरण के तौर पर 50 गांव का कोई जिला है वहां किसी एक गांव में 40 मरीज कोरोना के निकलते हैं तो पूरे जनपद को लॉक डाउन करना कोई बुद्धिमता का काम नहीं है ।बिल्कुल यह सत्य बात है इसमें जो है कोई दो राय नहीं है अगर उस केवल 1 गांव को लोक डाउन किया जाए और बिल्कुल सीज कर दिया जाए बाकी सारे 49 गांव के काम सुचारू रूप से चलाई जाए तो हम अर्थव्यवस्था को सुचारू कर सकते हैं और जो गांव इससे संक्रमित हैं और पीड़ित है उसकी मदद भी भली प्रकार से कर सकते हैं एक गांव जो  कोरोना से ग्रसित हो उसके आवाज में पूरे 50 गांव को बिठाकर सरकार सारी सुविधाएं मुहैया कैसे करा सकती है कुमारी के संगठन सामाजिक कार्यकर्ता कब तक इस लड़ाई को लड़ते रहेंगे इसके लिए आवश्यक है कि सरकार एक अच्छी रणनीति बनाए जिस एरिया में या करो ना संक्रमित मरीज पाए जाएं वहां पर जो है सिर्फ उसी एरिया को सील किया जाए इसके लिए पूरे जिले को सील न किया जाए इस और सरकार को ध्यान देना होगा ।

यदि आपके पास हैं सुझाव तो आप कमेंट बॉक्स में अवश्य दें । अपने विचार अवश्य रखें।

शुक्रवार, 1 मई 2020

देश मे लॉकडाउन बढ़ा और दो हफ्तों के लिए

*देश मे लॉकडाउन बढ़ा और दो हफ्तों के लिए* 

*3 मई के बाद 2 सप्ताह और*

लॉकडाउन 3 में
*रेड ,ऑरेंज,और ग्रीन जोन* में अलग अलग प्रावधान के अनुसार सेवाओं की  छूट मिलेगी।


लॉकडाउन 3.0 : किस जोन में क्या छूट मिलेगी और क्या रहेगा बंद, जानिए सब कुछ

- लॉकडाउन के तीसरे चरण में क्या छूट मिलेगी
- रेड जोन में किसी तरह की कोई गतिविधि नहीं
- ग्रीन जोन में आधी आबादी के साथ बसेंं चल सकती हैं
- रेड जोन में जरूरी सामान की ऑनलाइन डिलीवरी होगी
- मनरेगा के काम को मंजूरी
- ग्रीन जोन में शराब और पान की दुकानें खुल सकेंगी
- इन दुकानों में दो गज की दूरी रहेगी, एक बार पांच लोग से ज्यादा नहीं
- ऑरेंज जोन में जिलों के भीतर जरूरी काम के लिए वाहन चलाने की अनुमति
- ऑरेंज जोन में टैक्सी में ड्राइवर के अलावा दो लोगों के बैठने को मंजूरी।
- हर जोन में स्कूल, कॉलेज बंद रहेंगे
- हर जोन में शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक गैर जरूरी काम के लिए आने जाने पर रोक
- हवाई, सड़क, ट्रेन और मेट्रो सफर पर रोक
- साइकिल, रिक्शा, ऑटो रिक्शा पर रोक
- टैक्सी और कैब भी नहीं चलेगी
- सैलून, नाई की दुकान, स्पा बंद रहेंगे़
- होटल और रेस्टोरेंट्स बंद रहेंगे
- सिनेमा हॉल, मॉल, जिम, स्पोर्ट्स क्लब बंद रहेंगे
- सभी धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम बंद रहेंगे
- 65 उम्र से ज्यादा वाले और 10 साल से कम उम्र वाले बच्चों को घर में रहने की हिदायत।


गुरुवार, 30 अप्रैल 2020

कोविड 19 कोरोना होम आइसोलेशन की गाइड लाइन जारी देखें

वेरी माइल्ड कोविड-19 मामलों के होम आइसोलेशन को लेकर गाइडलाइन्स की गयी जारी



• स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन्स

•  होम आइसोलेशन में रहने के लिए मरीजों को दिए गए निर्देश

•  संक्रमित व्यक्ति की 24 घंटे देखभाल करने वाले को भी सतर्क रहने की जरूरत

आगरा, 29 अप्रैल: कोरोना संक्रमितों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं. साथ ही इस दिशा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार भी नियमित अंतराल पर कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं उपचार के लिए गाइडलाइन्स भी जारी कर रही है. इस दिशा में सोमवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने पुनः वेरी माइल्ड कोविड-19 मामलों के होम आइसोलेशन को लेकर गाइडलाइन्स जारी कर विस्तार से इस संबंध में जानकारी दी है.

वेरी माइल्ड कोविड-19 मामलों को ही होम आइसोलेशन की सलाह:

कोरोना संक्रमितों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा कोविड केयर सेंटर बनाये गए हैं. चिकित्सकीय जांच के बाद यह स्पष्ट होता है कि संक्रमित व्यक्ति को कैसी सुविधा की जरूरत है. संक्रमितों को संक्रमण के आधार पर 4 श्रेणियों में बांटा गया है. जिसमें वेरी माइल्ड, माइल्ड, मॉडरेट एवं सीवियर कोविड-19 संक्रमण शामिल है. माइल्ड मामलों के लिए कोविड केयर सेंटर, मॉडरेट के लिए डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर  एवं सीवियर कोविड-19 संक्रमण मामलों के लिए डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल की व्यवस्था की गयी है. जबकि चिकित्सकों की पुष्टि के बाद वेरी माइल्ड कोविड-19 मामलों को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गयी है. जिसके लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गाइडलाइन्स जारी कर विस्तार से इस संबंध में जानकारी दी है.



होम आइसोलेशन के लिए योग्यताएं:

• मेडिकल ऑफिसर  द्वारा वेरी माइल्ड कोविड-19 की पुष्टि की गयी हो

• ऐसे व्यक्तियों के घर पर होम आइसोलेशन की सुविधा उपलब्ध हो

• होम आइसोलेशन के दौरान 24 घन्टे देखभाल करने वाला कोई व्यक्ति उपलब्ध हो

• आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड कर उसे हमेशा एक्टिव रखना जरुरी है

• मरीज की स्वास्थ्य स्थिति से जिला सर्विलांस पदाधिकारी को अवगत कराते रहना जरुरी है

• होम आइसोलेशन में गए व्यक्ति को सेल्फ आइसोलेशन अंडरटेकिंग फॉर्म भरना जरुरी होगा



 इन परिस्थितियों में चिकित्सकीय सलाह होगा जरुरी:

• यदि व्यक्ति को सांस लेने में अधिक तकलीफ हो रही हो

• छाती में निरंतर दबाब या दर्द हो रहा हो

• मानसिक संशय बढ़ रहा हो या सोचने में दिक्कत हो रही हो

• यदि चेहरा या ओंठ नीले पड़ रहे हों

कब होम आइसोलेश्न से मुक्त हो सकते हैं:

जिला सर्विलासं पदाधिकारी द्वारा सत्यापित करने के बाद ही होम आइसोलेशन में रह रहे व्यक्ति को आइसोलेशन से मुक्त किया जा सकता है. इसके लिए संक्रमित व्यक्ति में कोरोना के किसी भी प्रकार के लक्षण नहीं होने चाहिए जिसकी पुष्टि लैब टेस्ट की रिपोर्ट के नेगेटिव आने के बाद ही संभव है.

देखभाल करने वाले व्यक्ति भी बरतें ये सावधानियां:

• ट्रिपल लेयर मेडिकल डिस्पोजेबल मास्क का इस्तेमाल करें. साथ ही अपने चेहरे, मुँह एवं नाक को छूने से बचें

• नियमित तौर पर हाथों की सफाई करें. लगभग 40 सेकंड तक साबुन एवं पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल बेस्ड सैनीटाइजर का प्रयोग करें

• संक्रमित से डायरेक्ट कांटेक्ट में आने से बचें. मरीज को किसी भी तरह से छूने से पहले हैण्ड ग्लोब्स का प्रयोग करें

• संक्रमित मरीज द्वारा इस्तेमाल किसी भी चीज को इस्तेमाल न करें

•  संक्रमित मरीज की स्वास्थ्य पर पैनी नजर रखें

संक्रमित भी होम आइसोलेशन के दौरान बरतें सावधानियां:

• हमेशा ट्रिपल लेयर मेडिकल डिस्पोजेबल मास्क का इस्तेमाल करें. 8 घन्टे के बाद मास्क को डिस्पोज कर दें

• मास्क को सोडियम हाइपो-क्लोराइट से डिश-इन्फेक्ट करने के बाद ही बाहर फेंकें

• मरीज पर्याप्त मात्रा में आराम लें एवं प्रचुर मात्रा में पानी पीएं

• लगभग 40 सेकंड तक साबुन एवं पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल बेस्ड सैनीटाइजर का प्रयोग करें

• निजी सामान किसी दूसरे के साथ साझा न करें

• जिन सतहों एवं चीजों को छुते हों उसे नियमित तौर पर हाइपो-क्लोराइट से डिश-इन्फेक्ट करें

• चिकिस्त्कीय सलाह को पूरी तरह पालन करें

• अपना ख्याल खुद रखें एवं अपने शारीरिक तापमान को प्रतिदिन मॉनिटर भी करते रहें

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