प्रेस विज्ञप्ति
RJYS एक नए कलेवर में — अब आर्थिक और सांस्कृतिक सशक्तिकरण का आंदोलन
मथुरा | भारत
राष्ट्रीय जागरूक युवा संगठन (RJYS), जो वर्ष 2004 से देश के युवाओं और समाज के लिए कार्यरत है, अब एक नए कलेवर, नई सोच और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।
अपने शुरुआती वर्षों में RJYS ने
“अन्याय, अत्याचार और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जंग”
को अपना उद्देश्य बनाया और समाज की आवाज़ बनने का कार्य किया।
विगत लगभग 5 वर्षों तक संगठन कम सक्रिय रहा, किंतु उसका उद्देश्य और प्रतिबद्धता कभी समाप्त नहीं हुई।
अब RJYS नए युग में प्रवेश कर चुका है, जिसकी नई टैगलाइन है:
“शिक्षा • स्वास्थ्य • रोजगार”
यह टैगलाइन उस बदलाव को दर्शाती है जिसमें संगठन अब विरोध से आगे बढ़कर समाधान और निर्माण की दिशा में कार्य करेगा।
आर्थिक सशक्तिकरण पर फोकस
RJYS अब युवाओं को:
- स्वरोज़गार और व्यवसाय से जोड़ने
- सरकारी योजनाओं, लोन और सब्सिडी तक पहुँच दिलाने
- और उन्हें नौकरी ढूँढने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनाने
के लिए ठोस कार्यक्रम शुरू कर रहा है।
सांस्कृतिक व आध्यात्मिक जागरूकता
RJYS भारतीय धार्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार का भी कार्य करेगा—
ताकि युवा अपनी जड़ों से जुड़े रहें, नैतिकता और सेवा की भावना अपनाएँ, और समाज में सद्भाव व सौहार्द बढ़े।
यह पहल सभी धर्मों और परंपराओं के सम्मान के साथ की जाएगी।
संस्थापक का संदेश
RJYS के संस्थापक Mridul Sharma ने कहा:
“हमने अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया,
अब हम युवाओं की आर्थिक शक्ति और सांस्कृतिक चेतना का निर्माण करेंगे।
RJYS का नया मिशन है — हर युवा आत्मनिर्भर और मूल्यवान बने।”
RJYS अब केवल एक संगठन नहीं, बल्कि युवाओं के लिए अवसर, मार्गदर्शन और सशक्तिकरण का मंच है।
देश के हर जागरूक युवा से आह्वान है कि वह इस नए सफ़र का हिस्सा बने।
— राष्ट्रीय जागरूक युवा संगठन (RJYS)
अगर आप चाहें, मैं इसे सोशल मीडिया कैम्पेन पोस्ट्स, पोस्टर हेडलाइन्स, या RJYS विज़न डॉक्यूमेंट में भी बदल दूँ।