*Corona (Covid-19) पर डॉ डी. एम. त्रिपाठी के विचार :-*
कोरोना (Covid-19) आज विश्व में वैश्विक महामारी के रूप में फैला हुआ है। इस सम्बंध में दिल्ली में NDMC के आयुर्वेदिक अस्पताल के चीफ मेडिकल ऑफिसर रहे नाड़ी विशेषज्ञ *डॉ डी.एम.त्रिपाठी* का कहना है कि इस महामारी की कोई समय सीमा नहीं है। ऐसे में आयुर्वेद के सिद्धांत और पुरातन भारतीय संस्कृति का पालन ही प्रासंगिक एवं आवश्यक है —
*1.* आयुर्वेद का प्रथम सूत्र- “स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणम्, आतुरस्य विकारप्रश्मनम् च“- चरक (Prevention is better than cure!) सर्वप्रथम स्वस्थ व्यक्तियों को स्वस्थ रखने के लिए lock down, social distancing, mask, sanitizer तथा बार-बार साबुन से हाथ धोना अति आवश्यक है।
*2.* आयुर्वेदिक आहार-विहार, जीवन शैली (Lifestyle) का पालन करना।
- अनावश्यक बाहर की वस्तुऐं, कच्चे भोज्य पदार्थ, मांसाहार आदि न खायें।
- घर में पौष्टिक एवं शाकाहारी भोजन का सेवन करें
- अनावश्यक रूप से भ्रमण, विदेश यात्रा तथा भीड़-भाड़ में जाने से बचें।
- सामाजिक दूरियाँ (social distancing) बनाए रखें
- बाहर जाते समय mask तथा sanitizer का प्रयोग करें।
*3.* अपनी-अपनी शारीरिक क्षमता, प्रकृति एवं रूचि के अनुसार षडऋृतु (seasons), त्रिदोष (वात, पित्त, कफ), जठराग्नि (digestive enzymes), सप्तधातु (body elements), मल (पसीना, मूत्र, पुरिष- constipation), इंद्रियों (5 कर्मेंद्रिय, 5 ज्ञानेंद्रिय एवं मन) आदि का सम एवं प्रसन्न अवस्था ही स्वास्थ्य है। इसका ध्यान रखते हुए उचित आहार-विहार का सेवन करना चाहिए।
*4.* औषधि के रूप में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता (immunity) बढ़ाने हेतु च्यवनप्राश, शिलाजीत आदि अनेक आयुर्वेदिक औषधियों का प्रयोग करें। साथ ही कलौंजी (वैज्ञानिक नाम- Nigella Sativa जिसमें 100% हाइड्रोक्लोरोक्वीन {hydrochloroquine (HCQ)} पाया जाता है) का सेवन करें।
*5.* सरसों तेल, बादाम तेल, अणु तेल या देसी घी का नस्य प्रात:-सायं अवश्य ही करें।
*6.* गरम जल या पेय पदार्थ का सेवन करें। ठंडी और fridge का कोई भी वस्तु न खाएँ। आयुष मंत्रालय द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना नितांत आवश्यक है।
*सधन्यवाद, घर में रहें, सुरक्षित रहें।*
🙏🏻🙏🏻*
कोरोना (Covid-19) आज विश्व में वैश्विक महामारी के रूप में फैला हुआ है। इस सम्बंध में दिल्ली में NDMC के आयुर्वेदिक अस्पताल के चीफ मेडिकल ऑफिसर रहे नाड़ी विशेषज्ञ *डॉ डी.एम.त्रिपाठी* का कहना है कि इस महामारी की कोई समय सीमा नहीं है। ऐसे में आयुर्वेद के सिद्धांत और पुरातन भारतीय संस्कृति का पालन ही प्रासंगिक एवं आवश्यक है —
*1.* आयुर्वेद का प्रथम सूत्र- “स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणम्, आतुरस्य विकारप्रश्मनम् च“- चरक (Prevention is better than cure!) सर्वप्रथम स्वस्थ व्यक्तियों को स्वस्थ रखने के लिए lock down, social distancing, mask, sanitizer तथा बार-बार साबुन से हाथ धोना अति आवश्यक है।
*2.* आयुर्वेदिक आहार-विहार, जीवन शैली (Lifestyle) का पालन करना।
- अनावश्यक बाहर की वस्तुऐं, कच्चे भोज्य पदार्थ, मांसाहार आदि न खायें।
- घर में पौष्टिक एवं शाकाहारी भोजन का सेवन करें
- अनावश्यक रूप से भ्रमण, विदेश यात्रा तथा भीड़-भाड़ में जाने से बचें।
- सामाजिक दूरियाँ (social distancing) बनाए रखें
- बाहर जाते समय mask तथा sanitizer का प्रयोग करें।
*3.* अपनी-अपनी शारीरिक क्षमता, प्रकृति एवं रूचि के अनुसार षडऋृतु (seasons), त्रिदोष (वात, पित्त, कफ), जठराग्नि (digestive enzymes), सप्तधातु (body elements), मल (पसीना, मूत्र, पुरिष- constipation), इंद्रियों (5 कर्मेंद्रिय, 5 ज्ञानेंद्रिय एवं मन) आदि का सम एवं प्रसन्न अवस्था ही स्वास्थ्य है। इसका ध्यान रखते हुए उचित आहार-विहार का सेवन करना चाहिए।
*4.* औषधि के रूप में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता (immunity) बढ़ाने हेतु च्यवनप्राश, शिलाजीत आदि अनेक आयुर्वेदिक औषधियों का प्रयोग करें। साथ ही कलौंजी (वैज्ञानिक नाम- Nigella Sativa जिसमें 100% हाइड्रोक्लोरोक्वीन {hydrochloroquine (HCQ)} पाया जाता है) का सेवन करें।
*5.* सरसों तेल, बादाम तेल, अणु तेल या देसी घी का नस्य प्रात:-सायं अवश्य ही करें।
*6.* गरम जल या पेय पदार्थ का सेवन करें। ठंडी और fridge का कोई भी वस्तु न खाएँ। आयुष मंत्रालय द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना नितांत आवश्यक है।
*सधन्यवाद, घर में रहें, सुरक्षित रहें।*
🙏🏻🙏🏻*
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें